हरियाणा के रोहतक जिले के महम में डेढ़ साल की बच्ची की मौत के बाद उसके परिवार ने नेत्रदान कर सराहनीय कदम उठाया। बच्ची का नाम आस्था था। उसके पिता दीपक परुथी के अनुसार, बुधवार शाम अचानक उसे बुखार आया था। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे बच्ची की मौत हो गई। बेटी की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस दुख की घड़ी में परिजनों ने उसकी आंखें दान करने का फैसला लिया। परिवार का कहना था कि उनकी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन उसकी आंखें किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी ला सकती हैं। इस नेत्रदान से दो जरूरतमंद बच्चों को देखने की क्षमता मिलने की उम्मीद है। परिवार के इस फैसले की सराहना की जा रही है। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी रामदास ने बताया कि उनकी संस्था लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करती है। उन्होंने कहा कि संस्था के माध्यम से अब तक हजारों लोगों का नेत्रदान कराया जा चुका है। रामदास के मुताबिक, महम में नेत्रदान का यह तीसरा मामला है। आस्था के परिवार के इस निर्णय से दूसरे लोग भी नेत्रदान के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
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