छत्तीसगढ़ में रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर के बाद अब रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने की योजना है। यह परियोजना भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए से जुड़ी है। इसका उद्देश्य रायपुर से धनबाद के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है। परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। फिलहाल करीब 14 घंटे लगने वाला सफर घटकर 8 से 9 घंटे में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इस कॉरिडोर में पारंपरिक निर्माण पद्धतियों के बजाय आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। परियोजना को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए हाथियों के आवागमन को ध्यान में रखते हुए विशेष कॉरिडोर बनाने की योजना है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य सड़क विकास के साथ हाथियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाए रखना है। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रियों और माल परिवहन को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में परियोजना की कुल लागत, निर्माण की समयसीमा और विशेष हाथी कॉरिडोर के सटीक स्थानों का विवरण नहीं दिया गया है।
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