पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा ने तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी जेल में स्थानांतरण की मांग की है। उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को खुफिया ब्यूरो (IB) से सलाह लेने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति पीबी वराले की पीठ ने मामले को संवेदनशील बताया। अदालत ने कहा कि वह राज्य सरकार की सलाह के विपरीत जाने की स्थिति में नहीं है। दिल्ली सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने हवारा के जेल से फरार होने की पिछली घटना का हवाला दिया। उन्होंने आशंका जताई कि पंजाब स्थानांतरित किए जाने पर उसके फरार होने का जोखिम बढ़ सकता है। उन्होंने उच्च जोखिम वाले कैदियों के स्थानांतरण पर गृह मंत्रालय की एडवाइजरी का भी उल्लेख किया। पंजाब सरकार ने भी हलफनामे में कहा कि स्थानांतरण से राज्य की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हवारा के वकील कॉलिन गोंसाल्विस ने दलील दी कि घटना के समय हवारा की उम्र 21 वर्ष थी और उसकी मां 82 वर्ष की हैं तथा गंभीर रूप से बीमार हैं। वकील ने स्पष्ट किया कि हवारा रिहाई नहीं, बल्कि पंजाब की उच्च सुरक्षा वाली जेल में स्थानांतरण चाहता है। उन्होंने जेल में उसके आचरण को भी अच्छा बताया। बेअंत सिंह की हत्या 31 अगस्त 1995 को चंडीगढ़ सिविल सचिवालय के बाहर हुए बम धमाके में हुई थी, जिसमें कुल 17 लोगों की मौत हुई थी। हवारा को 2007 में मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे 2010 में हाई कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।
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