हरियाणा के अंबाला में 990 पेटी अंग्रेजी शराब की कथित तस्करी के मामले में गिरफ्तार रोहतक के 23 वर्षीय लॉ स्टूडेंट आकाश को अदालत से जमानत मिल गई है। छात्र सितंबर से जेल में बंद था और उसने परीक्षा की तैयारी के लिए जमानत याचिका दायर की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार बंसल की अदालत ने 50 हजार रुपये के जमानती बॉन्ड और इतनी ही राशि की एक जमानत पर उसकी रिहाई के आदेश दिए। अदालत ने कहा कि अब तक की जांच में आरोपी का इस मामले से सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 24 अगस्त 2026 को अंबाला कैंट के पड़ाव थाने में दर्ज किया गया था। मामले में एक ट्रक से चावल के छिलके के नीचे छिपाकर रखी गई रॉयल स्टैग और इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की 990 पेटी शराब बरामद हुई थी। पुलिस का दावा है कि शराब को फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए बिहार ले जाया जा रहा था, जहां शराबबंदी लागू है। जांच के दौरान ट्रक के नंबर, इंजन और चेसिस नंबर से भी कथित छेड़छाड़ सामने आई थी। पुलिस ने आरोप लगाया कि आकाश और सह-आरोपी साहिल एक ब्रीजा कार में ट्रक के आगे चल रहे थे, ताकि नाकाबंदी या पुलिस जांच की जानकारी चालक तक पहुंचाई जा सके। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों ने फोन नष्ट कर दिए थे और कथित गिरोह के मुख्य सदस्यों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस के मुताबिक, आकाश का नाम सह-आरोपी दीपक चौधरी के बयान में सामने आया था। हालांकि, अदालत ने गौर किया कि आकाश के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई और उसे ट्रक के पास भी नहीं पाया गया था। अदालत के अनुसार, आरोपी के खिलाफ फिलहाल मुख्य आधार सह-आरोपी का पुलिस को दिया गया बयान है, जबकि पुलिस ने आरोपी और कथित मुख्य साजिशकर्ताओं के बीच कॉल रिकॉर्ड या वित्तीय लेनदेन के प्रमाण पेश नहीं किए। आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होने और उसके लॉ का छात्र होने को भी अदालत ने ध्यान में रखा। इन तथ्यों के आधार पर जमानत याचिका मंजूर कर ली गई।
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