IIT रुड़की के शोधकर्ताओं ने बैटरी के बिना काम करने वाली स्मार्ट पट्टी विकसित की है। यह तकनीक घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए तैयार की गई है। पट्टी का जालीदार डिजाइन घाव तक हवा पहुंचाने में मदद करता है। यह डिजाइन घाव से निकलने वाले द्रव को जमने से भी रोकता है। स्मार्ट पट्टी अपनी मूल लंबाई से आठ गुना तक खिंच सकती है। प्रयोगशाला और चूहों पर किए गए परीक्षणों में इसके सफल परिणाम सामने आए हैं। परीक्षणों के दौरान इस तकनीक ने घाव भरने की प्रक्रिया को तीन गुना तेज किया। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस पट्टी से घाव करीब 15 दिनों में भर सकता है। बैटरी-फ्री तकनीक होने के कारण इसे इस्तेमाल करना आसान हो सकता है। यह आविष्कार चिकित्सा क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल सकता है। दूरदराज के इलाकों में आपातकालीन उपचार के दौरान इसका उपयोग किया जा सकता है। युद्ध क्षेत्रों में घायल लोगों की तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए भी यह उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, व्यापक उपयोग से पहले इस तकनीक के आगे के परीक्षण और मूल्यांकन की आवश्यकता होगी।
Source: Source