एक करदाता ने अमेरिका में टैक्स चुकाया था, लेकिन भारत में विदेशी टैक्स क्रेडिट का दावा करते समय Form 67 जमा नहीं किया। इसके बाद भारत में करीब 30 लाख रुपये की टैक्स डिमांड सामने आई। मामले में करदाता ने विदेशी टैक्स के क्रेडिट का दावा किया था। संबंधित नियमों के तहत DTAA वाले देश में चुकाए गए टैक्स का भारत में क्रेडिट लेने के लिए Form 67 जमा करना जरूरी है। मामला करीब छह साल तक कानूनी विवाद में रहा। ITAT दिल्ली ने करदाता को राहत देते हुए मामले को फिर से जांच के लिए संबंधित आकलन अधिकारी के पास भेजा। ट्रिब्यूनल ने 23.48 लाख रुपये के विदेशी टैक्स क्रेडिट के दावे की जांच करने को कहा। आकलन अधिकारी को दावे और संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करना होगा। फैसले के बाद करदाता के विदेशी टैक्स क्रेडिट दावे पर दोबारा विचार का रास्ता खुल गया है। हालांकि अंतिम क्रेडिट की पुष्टि संबंधित अधिकारी की जांच पर निर्भर करेगी। मामला विदेशी टैक्स क्रेडिट और Form 67 से जुड़े अनुपालन के महत्व को सामने लाता है। DTAA के तहत पहले विदेश में चुकाए गए टैक्स का भारत में क्रेडिट लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।
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