मुख्यमंत्री भगवंत मान को काले झंडे दिखाने और मोहनजीत सिंह सिद्धू से जुड़े टॉर्चर मामले में पंजाब सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। गंभीर लापरवाही और ड्यूटी में कोताही के आरोपों के बीच डीएसपी हरविंदर सिंह का तबादला कर दिया गया है। तीन अन्य पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया गया है। डीएसपी हरविंदर सिंह को सुनाम से हटाकर बहादुरगढ़, पटियाला में डीएसपी के पद पर भेजा गया है। उन्हें नई पोस्टिंग पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी संगरूर के आदेश पर इंस्पेक्टर प्रतीक जिंदल, सब-इंस्पेक्टर बलजीत सिंह और एएसआई हरप्रीत सिंह को पुलिस लाइन भेजा गया है। यह कार्रवाई 2 सितंबर को संगरूर के शेरों गांव में हुए घटनाक्रम के बाद सामने आई है। लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मोहनजीत सिंह सिद्धू ने अपने घर की छत से मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाया था। उन्होंने करीब 200 मीटर की दूरी से मुख्यमंत्री से सवाल भी किए थे। इसके बाद स्थानीय पुलिस और मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम ने उन्हें हिरासत में लिया था। पुलिस के अनुसार मोहनजीत पर पहले से आठ मामले दर्ज हैं और उनका डोप टेस्ट भी पॉजिटिव आया था। पंचायत की गारंटी के बाद उन्हें छोड़ दिया गया था। रिहाई के बाद मोहनजीत ने पुलिस हिरासत में मारपीट, बाल खींचने और करंट लगाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने डीएसपी पर खुद बिजली के झटके देने का आरोप लगाया, जिसके बाद वह संगरूर सिविल अस्पताल में भर्ती हुए और विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
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