पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की महंगाई भत्ते (DA) की लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार को 15 दिनों में DA भुगतान के निर्देश दिए थे। अदालत ने कहा था कि समय पर भुगतान नहीं होने पर सरकार को 6 प्रतिशत ब्याज देना पड़ सकता है। सरकार के सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना को देखते हुए कर्मचारी पक्ष ने पहले ही कैविएट याचिका दाखिल कर दी है। यह याचिका 5 अगस्त 2026 को दर्ज की गई है। कैविएट दाखिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट कर्मचारियों का पक्ष सुने बिना कोई एकतरफा राहत या स्टे आदेश जारी नहीं कर सकेगा। हाईकोर्ट ने सरकार की उस नीति को भी रद्द किया था, जिसमें DA बकाया 42 किश्तों में देने का प्रावधान था। अदालत ने केंद्र सरकार के समान DA और DR भुगतान करने के निर्देश दिए थे। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि सरकार पहले ही बकाया राशि के भुगतान की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि कुल 14,191 करोड़ रुपये के बकाये में से करीब 6,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। मंत्री ने दावा किया कि पंजाब कई मामलों में केंद्र से अधिक वेतन दे रहा है और शेष बकाया भी तय योजना के अनुसार चुकाया जाएगा।
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