यूपीआई सेवाओं को लेकर देशभर के व्यापारी संगठनों ने विरोध का ऐलान किया है। व्यापारियों ने यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले संभावित चार्ज के खिलाफ आवाज उठाई है। इसी विरोध के तहत 2 अक्टूबर को ‘नो यूपीआई डे’ मनाने की घोषणा की गई है। व्यापारी संगठन इस दिन यूपीआई का इस्तेमाल नहीं करने की अपील कर रहे हैं। उनका उद्देश्य डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने के प्रस्तावों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराना है। देश के अलग-अलग हिस्सों में व्यापारी इस अभियान से जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं। संगठनों का कहना है कि यूपीआई छोटे और बड़े कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण भुगतान माध्यम बन चुका है। किसी भी तरह का अतिरिक्त शुल्क व्यापारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकता है। प्रस्तावित विरोध के जरिए सरकार और संबंधित संस्थाओं तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, 2 अक्टूबर को पूरे देश में यूपीआई सेवाएं आधिकारिक रूप से बंद रहेंगी या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। व्यापारी संगठनों का ऐलान विरोध प्रदर्शन से संबंधित है, न कि अनिवार्य सरकारी सेवा बंदी की पुष्टि।
Source: Source