छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में चर्चित एलपीजी घोटाले मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और उनके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया गया है। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर महासमुंद लेकर आई है और गहन पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आया है कि करीब 92 टन एलपीजी गैस की हेराफेरी की गई थी। इस घोटाले की कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार पूरे मामले की साजिश तत्कालीन जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव ने रची थी। आरोप है कि गैस को फर्जी दस्तावेजों और कच्चे बिलों के जरिए बेचा गया। जांच एजेंसियों को पैसों के बंटवारे और नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस अब सभी आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है। फरार रहने के दौरान आरोपी लगातार शहर और मोबाइल नंबर बदल रहे थे। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, बैंक ट्रांजेक्शन और सोशल मीडिया गतिविधियों के आधार पर उन्हें ट्रैक किया। मामले में कई लोगों की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है और आगे और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
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