कलकत्ता हाईकोर्ट ने ड्यूटी के दौरान बार-बार शराब पीने वाले CISF कांस्टेबल की बर्खास्तगी को सही ठहराया है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सुरक्षा बलों में अनुशासन और जिम्मेदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है। कोर्ट ने माना कि ड्यूटी के समय नशे की हालत में रहना गंभीर अनुशासनहीनता है। मामले में कांस्टेबल पर कई बार शराब पीकर ड्यूटी करने के आरोप लगे थे। CISF ने जांच के बाद उसे सेवा से हटा दिया था। जवान ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। हालांकि हाईकोर्ट ने CISF की कार्रवाई को उचित और वैध माना। अदालत ने कहा कि सुरक्षा बल ऐसे कर्मियों पर भरोसा नहीं कर सकते जिनकी कार्यक्षमता नशे की वजह से प्रभावित हो। फैसले में यह भी कहा गया कि सुरक्षा एजेंसियों की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां केवल अनुशासित और भरोसेमंद कर्मियों को ही सौंपी जा सकती हैं। इस निर्णय को सुरक्षा बलों में सख्त अनुशासन के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मिसाल बन सकता है।
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