हरियाणा के पंचकूला की अदालत ने बदमाश अरविंद उर्फ गिल्ली राणा की मां मीना देवी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। 50 वर्षीय मीना देवी पर पांच करोड़ रुपये की रंगदारी और क्लब मालिक रतन चंद लुबाना पर फायरिंग के मामले में आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को जमानत खारिज करने का प्रमुख आधार माना। न्यायाधीश ने कहा कि मामले के मुख्य गवाहों की जांच अभी बाकी है। ऐसे में आरोपी महिला को जमानत देना उचित नहीं होगा। बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि मीना देवी को उनके बेटे से संबंध होने के कारण झूठा फंसाया गया है। वकील के अनुसार, वह घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि मीना देवी के पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों के बावजूद जमानत देने से इनकार कर दिया। रतन चंद लुबाना भाजपा युवा मोर्चा के पंचकूला जिलाध्यक्ष और पूर्व पार्षद नरिंदर पाल सिंह लुबाना के छोटे भाई हैं। उनकी भाभी परमजीत कौर वर्तमान में वार्ड नंबर एक की पार्षद हैं। मामले में पांच करोड़ रुपये की रंगदारी और क्लब पर हुई अंधाधुंध फायरिंग की जांच की जा रही है। मुख्य गवाहों की गवाही पूरी न होने के कारण अदालत ने फिलहाल राहत देना उचित नहीं समझा।
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