हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पुलिस ने ट्रांसफार्मर से तांबे की क्वाइल चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के दो मुख्य आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पानीपत में किराए के मकान में रह रहे थे। आरोपी ट्रेन से कुरुक्षेत्र आते थे और रात के समय ट्रांसफार्मर को निशाना बनाते थे। वे महज आधे घंटे में एक ट्रांसफार्मर खोलकर उसकी तांबे की क्वाइल निकाल लेते थे। पिछले तीन महीनों में गिरोह ने करीब 22 चोरी की वारदातों को अंजाम दिया। चोरी की गई क्वाइल दिल्ली और सोनीपत के कबाड़ियों को 10 से 15 हजार रुपये में बेची जाती थी। जबकि एक ट्रांसफार्मर की कीमत करीब 60 से 70 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, 59 वर्षीय यशपाल गिरोह का संचालन करता था और उसके खिलाफ ट्रांसफार्मर चोरी के करीब 106 मामले दर्ज हैं। वह लगभग तीन साल जेल में रहने के बाद 2024 में बाहर आया था और फिर से वारदातों में शामिल हो गया। उसने इंदल नाम के व्यक्ति को अपने गिरोह में शामिल किया था। 8 अक्टूबर को सीआईए-1 की टीम ने पलवल गांव से झिरबड़ी जाने वाले रास्ते पर दोनों आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, भागने के दौरान एक आरोपी ने गोली चलाई और चेतावनी के बावजूद दोबारा फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में यशपाल की बाईं टांग में गोली लगी, जबकि इंदल को भी गिरफ्तार कर लिया गया। घायल यशपाल को इलाज के लिए एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पूछताछ के आधार पर चोरी का सामान खरीदने वाले नितीश यादव और लक्ष्मण को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 87 किलोग्राम चोरी की तांबे की तार बरामद की गई है। 12 अक्टूबर को इंदल, नितीश और लक्ष्मण को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
Source: Source