दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत हादसे के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। हादसे ने यहां मौजूद हॉस्टलों और पीजी की बदहाल स्थिति को उजागर किया है। कई जगह सुरक्षा मानकों की अनदेखी के संकेत सामने आए हैं। इलाके की गलियां बेहद संकरी हैं। कई इमारतों के प्रवेश द्वार भी काफी तंग बताए जा रहे हैं। जगह-जगह बिजली के तार लटकते दिखाई दे रहे हैं। ऐसी परिस्थितियां आपात स्थिति में लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। हादसे के बाद अन्य हॉस्टलों और पीजी की व्यवस्थाओं की भी जांच की जरूरत महसूस हो रही है। इलाके में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सुरक्षा नियमों के पालन में कथित लापरवाही गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। संकरी गलियां और अव्यवस्थित बिजली व्यवस्था आग या अन्य आपदा की स्थिति में खतरा बढ़ा सकती है। घटना ने राजधानी के घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा मानकों की निगरानी पर भी सवाल खड़े किए हैं।
Source: Source