जालंधर जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने चौगिट्टी फ्लाईओवर के पास हुए सड़क हादसे से जुड़े बीमा विवाद में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने बीमा कंपनी द्वारा क्लेम खारिज करने को अनुचित और सेवा में कमी माना। हादसा 20 जून 2021 की रात तेज बारिश के दौरान हुआ था। आगे चल रही गाड़ी के अचानक ब्रेक लगाने से पीछे आ रहा वाहन शिकायतकर्ता की कार से टकरा गया था। हादसे के बाद वाहन की मरम्मत पर 1,86,631 रुपये का खर्च आया। बीमा कंपनी ने हादसे की सूचना दो दिन बाद मिलने समेत कई आधारों पर क्लेम खारिज कर दिया था। कंपनी ने शिकायतकर्ता पर वाहन की खरीद, चालक और दुर्घटना की परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। जांच में वाहन की लोकेशन और उसके हजार किलोमीटर चलने को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। आयोग ने माना कि सूचना देने में दो दिन की देरी हुई, लेकिन केवल इस आधार पर क्लेम खारिज नहीं किया जा सकता। आयोग ने यह भी पाया कि कंपनी ने सर्वेयर नियुक्त कर वाहन की जांच और नुकसान का आकलन कराया था। ऐसा कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया कि सूचना में देरी से बीमा कंपनी को नुकसान हुआ। आयोग ने स्पष्ट किया कि मजबूत संदेह भी प्रमाण का विकल्प नहीं हो सकता। बीमा कंपनी को 1,86,631 रुपये के क्लेम पर 30 जुलाई 2021 से भुगतान तक 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। इसके अलावा मानसिक परेशानी के लिए 20 हजार और मुकदमे के खर्च के लिए 10 हजार रुपये भी देने होंगे।
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