पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्पष्ट किया कि आज होने वाली इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर प्रक्रिया में कोई भी प्रतिनिधिमंडल शामिल नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन में न तो ईरान की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल भाग लेगा और न ही पाकिस्तान की ओर से कोई टीम वहां जाएगी। यह निर्णय दोनों देशों के बीच चल रहे मामलों में पारदर्शिता और स्पष्टता को दर्शाता है। शहबाज शरीफ के इस बयान के बाद स्थिति को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दोनों पक्षों के बीच औपचारिक भागीदारी न होने से कार्यक्रम की प्रकृति को लेकर सवाल उठे। हालांकि इसे राजनयिक संवाद में एक स्पष्ट और व्यवस्थित कदम के रूप में देखा जा रहा है। बयान में यह भी संकेत दिया गया कि दोनों देश प्रक्रियात्मक स्तर पर संवाद बनाए हुए हैं। इस घटनाक्रम को द्विपक्षीय संबंधों की वर्तमान स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में आवश्यकतानुसार संवाद और सहयोग जारी रहेगा। फिलहाल इस विषय पर अतिरिक्त आधिकारिक विवरण साझा नहीं किया गया है।
Source: Source