उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास की नई लहर देखने को मिल रही है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी नीतियों को दिया जा रहा है। केंद्रीय रेल और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में नोएडा के जेवर में एक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला रखते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से राज्य अब एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। इस दौरान उन्होंने भविष्य की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी चर्चा की, जिसमें दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर सबसे प्रमुख है। इस बुलेट ट्रेन के संचालन से दिल्ली से लखनऊ तक का सफर महज दो घंटे दस मिनट में पूरा हो सकेगा। मंत्री ने जोर दिया कि इस तरह की कनेक्टिविटी से न केवल यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी भारी गति मिलेगी। जेवर को उत्तर भारत का सबसे बड़ा मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब बनाने की तैयारी चल रही है। इसके साथ ही, जेवर को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर निर्माण का ‘सिलिकॉन वैली’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इन परियोजनाओं से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होने और अरबों के आयात में कमी आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे के इस बड़े बदलाव से उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनेगा। यह विकास मॉडल राज्य में निवेश को आकर्षित करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद कर रहा है।
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