बिजनेस डेस्क के अनुसार 15 जून 2026, सोमवार की सुबह वैश्विक तेल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक लुढ़क गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई को लेकर चिंताओं में कमी आने से बाजार पर दबाव देखा गया। निवेशकों की धारणा में बदलाव के कारण तेल कीमतों में नरमी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक संकेतों का असर भी बाजार पर पड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर आयात-निर्भर देशों पर पड़ सकता है। भारत जैसे देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी इसका संभावित प्रभाव देखा जा सकता है। हालांकि घरेलू कर ढांचे और अन्य कारकों के कारण तुरंत बदलाव जरूरी नहीं है। बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। आने वाले दिनों में कीमतों की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। फिलहाल रुझान नरमी की ओर बना हुआ है।
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