पलवल के जिला नागरिक अस्पताल में मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में सिजेरियन डिलीवरी करने के मामले में प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ऑपरेशन थिएटर के इनवर्टर की बैटरी के तार में कार्बन जमने के कारण वह बिजली गुल होने पर बैकअप नहीं दे सका, जिससे ओटी में अंधेरा छा गया था। डॉक्टरों ने जज्बा दिखाते हुए मां और बच्चे की जान बचाने के लिए मोबाइल टॉर्च की मदद से ऑपरेशन जारी रखा। सीएमओ ने ओटी में वीडियो बनाने को गोपनीयता का उल्लंघन माना है और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। करीब 18 करोड़ की लागत वाले इस अस्पताल में पावर बैकअप की विफलता ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माँ और नवजात अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।
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