नोएडा में 16 वर्षीय छात्रा से कथित गैंगरेप के मामले की जांच में बस से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। निजी स्लीपर बस का पंजीकरण अप्रैल में फिरोजाबाद में हुआ था। जुलाई तक बस के खिलाफ कुल 12 ट्रैफिक चालान दर्ज हो चुके थे। इनमें से नौ चालान यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए यातायात उल्लंघनों से जुड़े थे। अधिकांश मामलों में बस पर तेज रफ्तार से चलने का आरोप था। पुलिस ने 4 अगस्त की कथित घटना के बाद बस के चालक और कंडक्टर को गिरफ्तार किया। पीड़िता ने बस में गैंगरेप का आरोप लगाया था। जांच के दौरान पुलिस को वाहन के नियम उल्लंघनों का रिकॉर्ड मिला। बस पर पहले से ही ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के कारण जुर्माना लगा था। पुलिस यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रख रही है। इन फुटेज का इस्तेमाल जांच में संभावित घटनाक्रम और बस की आवाजाही का पता लगाने के लिए किया जाएगा। मामले की जांच में बस के पुराने चालान और अन्य साक्ष्यों को भी शामिल किया जा रहा है।
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