छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने NHAI की एक मध्यस्थता अपील खारिज कर दी है। मामला अधिग्रहित जमीन के बढ़े हुए मुआवजे से जुड़ा था। NHAI ने मुआवजा बढ़ाने के फैसले को दोबारा चुनौती देने की कोशिश की थी। कोर्ट ने इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया। जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि NHAI पहले ही मूल मध्यस्थ आदेश के खिलाफ जिला न्यायालय में मुकदमा हार चुका है। ऐसे में उसी आदेश के आधार पर हुई पुनर्गणना को लेकर दोबारा हाई कोर्ट जाने का नया वैधानिक अधिकार नहीं बनता। कोर्ट ने पुनर्गणना आदेश को आधार बनाकर मुआवजा भुगतान टालने की कोशिश पर रोक लगाई। अदालत ने NHAI को कानून की प्रक्रिया का पालन करने की हिदायत दी। फैसले में न्यायिक प्रक्रिया और आदेशों की बाध्यता को महत्वपूर्ण माना गया। कोर्ट के निर्णय से अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के मामलों में प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता आई है। NHAI की दोबारा चुनौती को खारिज करते हुए हाई कोर्ट ने मामले में कानूनी स्थिति स्पष्ट कर दी।
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