भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर में वीरवार को मुस्लिम भाईचारे ने ईद-उल-अजहा (बकरीद) मनाई। शहर के हाल गेट स्थित जामा मस्जिद खैरुदीन, छेहर्टा की जामा मस्जिद दीन मोहम्मद, सुल्तानविंड रोड स्थित कब्रगाह समेत जलियांवाला बाग के मस्जिदों में जाकर मुस्लिम भाइचारे ने नमाज अदा की। इसके बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की बधाई दी। इसी दौरान कई नेताओं ने मुस्लिम भाइयों को गले लगाकर ईद की बधाई दी। इस मौक सुबह से ही काफी संख्या में नमाजी मस्जिद में नवाज अदा करने के लिए पहुंच गए थे। हाल गेट स्थित जामा मस्जिद खेरुद्दीन में मौलाना मोहम्मद अहमद हुसैन काजमी ने नमाज अदा की। इस मौके पर मौलाना ने कहा कि ईद उल अजहा केवल त्याग का ही नहीं बल्कि प्रेम और भाईचारे का भी संदेश देता है। यह त्यौहार हजरत इब्राहिम और उनके बेटे की याद में मनाया जाता है। मुस्लिम भाईचारे ने बताया कि दया का असली अर्थ केवल जानवरों का त्याग करना नहीं बल्कि अपने भीतर की बुराई, अहंकार को छोड़ना है। मुस्लिम भाईचारे के लोगों ने कहा कि इस दिन देश में शांति प्रगति और भाईचारे के लिए नमाज अदा की गई। मस्जिद की सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से खास इंतजाम किए थे। इसी तरह छेहर्टा जामा मस्जिद दीन मोहम्मद और सुल्तानविंड रोड स्थित कब्रगाह में मुस्लिम समाज की ओर से नमाज अदा की। सुबह करीब 9 बजे शुरू की नमाज में हजारों की संख्या में मुस्लिम भाईचारे के लोग पहुंचे। उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी।
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