जिला न्यायालयों में तृतीय वर्ग कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। रायपुर और राजनांदगांव में चयन प्रक्रिया अन्य जिलों से अलग होने पर विवाद खड़ा हो गया है। सहायक ग्रेड-3 और हिंदी स्टेनोग्राफर पदों के लिए 10 जिला न्यायालयों ने अलग-अलग विज्ञापन जारी किए हैं। रायपुर और राजनांदगांव में प्रत्येक पद के लिए केवल 15 गुना अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट कर लिखित और कौशल परीक्षा में शामिल किया जाएगा। वहीं अन्य आठ जिलों में सभी पात्र स्नातक अभ्यर्थियों को सीधे लिखित परीक्षा देने की अनुमति दी गई है। उम्मीदवारों का कहना है कि अलग-अलग चयन प्रक्रिया समान अवसर के सिद्धांत के विपरीत है। उनका आरोप है कि केवल स्नातक अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग करने से कई योग्य उम्मीदवार परीक्षा देने से वंचित हो जाएंगे। अभ्यर्थियों ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से भर्ती नियमों में संशोधन की मांग की है। उन्होंने सभी पात्र उम्मीदवारों के लिए लिखित परीक्षा और उसके बाद कौशल परीक्षा के आधार पर चयन की मांग उठाई है। रायपुर जिला न्यायालय में 81 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। अभ्यर्थियों का कहना है कि एक समान और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने से सभी को निष्पक्ष अवसर मिलेगा। फिलहाल भर्ती प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों में असंतोष बना हुआ है।
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