दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) सरदार तरणजीत सिंह संधू ने शनिवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब लोक भवन में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से एक शिष्टाचार मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान पंजाब, चंडीगढ़ और देश की राजधानी दिल्ली से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक मुद्दों के साथ-साथ कई राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में विशेष रूप से सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्रों के युवाओं को आधुनिक कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) कार्यक्रमों से जोड़ने पर गहन विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने माना कि युवाओं को कुशल बनाकर ही उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाया जा सकता है और उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर किया जा सकता है। बातचीत के दौरान ‘विकसित भारत-2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं के सशक्तिकरण और उनके कौशल विकास को बेहद महत्वपूर्ण और अनिवार्य कदम बताया गया। राज्यपाल और उपराज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि सीमावर्ती इलाकों के नौजवानों को आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर ही मुख्यधारा से मजबूती से जोड़ा जा सकता है। नेताओं के अनुसार, इस रणनीतिक कदम से न केवल युवाओं के लिए प्रगति के नए द्वार खुलेंगे, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी एक नई गति मिलेगी। युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी और वास्तविक ताकत बताते हुए दोनों दिग्गजों ने कहा कि कौशल विकास, उच्च शिक्षा और रोजगार के बेहतर साधन मुहैया कराना सरकारों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस बैठक के समापन पर दोनों शीर्ष नेताओं ने विभिन्न विकासपरक क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और अधिक बढ़ाने तथा साझा मुद्दों पर मिलकर काम करने की अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।
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