पूर्व डीएमके मंत्री केएन नेहरू ने एजेंसी की आठ घंटे चली छापेमारी के बाद खुद को निर्दोष बताया। नेहरू ने कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। उनके मुताबिक, एजेंसी ने नियमित दस्तावेज और उनके भाई से जुड़ी वित्तीय जानकारी जब्त की। बताया गया कि यह छापेमारी एमएडब्ल्यूएस विभाग में कथित टेंडर अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में हुई। नेहरू ने टेंडर को लेकर किसी से बातचीत करने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाएंगे। नेहरू ने छापेमारी की कार्रवाई को राजनीतिक दबाव से जोड़कर देखा। उनका आरोप है कि विधानसभा में पूछे गए सवालों के कारण उन्हें डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने एजेंसी की कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। नेहरू ने जांच से जुड़े आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। उनका कहना है कि जब्त किए गए दस्तावेज सामान्य रिकॉर्ड का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, उनके भाई की वित्तीय जानकारी भी एजेंसी अपने साथ ले गई। नेहरू ने संकेत दिया कि वह कानूनी प्रक्रिया के जरिए अपना पक्ष रखेंगे। मामले में एजेंसी की जांच आगे जारी रहने की संभावना है।
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