कर्नाटक में चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। एनडीए नेताओं ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर धांधली की जा रही है। एनडीए का दावा है कि बूथ लेवल अधिकारी अनिवार्य घर-घर जाकर सत्यापन करने के बजाय सामुदायिक भवनों और मस्जिदों का उपयोग कर रहे हैं। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार अवैध रूप से मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने में मदद कर रही है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए विपक्ष पर पलटवार किया है। उन्होंने आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। विवाद के बीच चुनाव आयोग की भूमिका और निष्पक्षता पर भी बहस छिड़ गई है। फिलहाल, राज्य में राजनीतिक तनाव बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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