इंग्लैंड के एनएचएस के आधुनिकीकरण के लिए सरकार एक विधेयक पेश कर रही है। इस विधेयक के तहत मरीजों के प्रहरी (वॉचडॉग) को समाप्त करने की योजना शामिल है। इस कदम पर स्थानीय परिषदों ने गंभीर चेतावनी जारी की है। परिषदों का कहना है कि इससे एनएचएस पर नियंत्रण और पारदर्शिता खत्म हो जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएस ‘अपने ही काम को खुद परखने’ की स्थिति में आ जाएगी। मरीजों के हितों की रक्षा करने वाली स्वतंत्र संस्था के खत्म होने से शिकायतों का समाधान प्रभावित होगा। यह विधेयक फिलहाल संसद की कार्यवाही के दौर से गुजर रहा है। सरकार का तर्क है कि इस कदम से नौकरशाही कम होगी और सेवाएं सुधरेंगी। हालांकि, विपक्ष और स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि बिना बाहरी निगरानी के मरीजों के साथ अनदेखी हो सकती है। परिषदों ने सांसदों से इस प्रावधान को फिर से पढ़ने की अपील की है। वे चाहते हैं कि मरीजों के अधिकारों की रक्षा के लिए कोई स्वतंत्र तंत्र बना रहे। यह बहस इस बात को उजागर करती है कि सुधारों के नाम पर कहीं जवाबदेही कमजोर न हो जाए। अब यह विधेयक जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, इस पर गरमागरम बहस की उम्मीद है।
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