छत्तीसगढ़ में जनगणना के पहले चरण के तहत पहली बार घर-घर की सुविधाओं और संसाधनों का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया है। अब सरकारी दस्तावेजों में यह दर्ज होगा कि किस घर में एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कार, बाइक या साइकिल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। मकान की प्रकृति, कमरों की संख्या और पानी, बिजली, इंटरनेट व गैस कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी डेटा जुटाया गया है। 1 मई से शुरू हुई यह प्रक्रिया 30 मई को समाप्त हो रही है और 92 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। प्रदेश में 48,742 ब्लॉक बनाए गए थे, जिनमें औसतन 165 मकान प्रति ब्लॉक हैं, जिससे 80 लाख से अधिक मकानों का आंकड़ा सामने आया है। पूरी प्रक्रिया पहली बार डिजिटल माध्यम से मोबाइल एप के जरिए संपन्न की गई, जिससे गणनाकर्मियों को सहूलियत मिली। एक परिवार की जानकारी दर्ज करने में औसतन 15 से 20 मिनट लगे। 29 मई तक 44,800 से अधिक ब्लॉकों का सत्यापन पूरा हो चुका था। इस अभियान में 51 हजार से अधिक प्रगणक और 9 हजार से अधिक पर्यवेक्षक लगाए गए। जनगणना का दूसरा चरण अगले वर्ष 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा, जिसमें परिवार के प्रत्येक सदस्य की शिक्षा, व्यवसाय, धर्म, भाषा आदि की विस्तृत जानकारी ली जाएगी। यदि कोई घर छूट गया है या परिवार के सदस्य उस दौरान बाहर थे, तो टोल फ्री नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने कहा है कि कोई भी परिवार जनगणना से वंचित न रहे, इसके लिए अंतिम दिन विशेष निगरानी रखी जा रही है। गणनाकर्मियों को कई जगहों पर सहयोग मिला, लेकिन कुछ घरों में दरवाजे नहीं खोले गए और गलत जानकारी देने की कोशिश भी हुई।
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