छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में चिटफंड कंपनी वेलफेयर बिल्डिंग एण्ड इस्टेट प्राइवेट लिमिटेड ने निवेशकों से 9.26 करोड़ रुपये की ठगी की। कंपनी ने निवेशकों को कम समय में राशि दोगुनी करने का झांसा दिया था। इसके बाद कंपनी के संचालक और पदाधिकारी फरार हो गए। पीड़ितों में ज्यादातर गरीब और कम पढ़े-लिखे लोग शामिल थे। कंपनी के पास न तो RBI की अनुमति थी और न ही किसी सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी थी। पुलिस ने 2024 में पीड़ित देवराज यादव की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। गांधीनगर पुलिस ने ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को झारखंड के पलामू से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में अखिलेश प्रजापति (56) और बलराम पाठक (64) शामिल हैं। दोनों ने कंपनी में निवेश कराने में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कई बैंकों में फर्जी खाते खोलकर पैसे जमा कराए थे। वे एजेंटों के जरिए लोगों से निवेश लेते थे। अब पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। यह चिटफंड घोटाला नमनाकला इलाके में संचालित था। पीड़ितों को अब न्याय की उम्मीद है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले लिया है। यह मामला लोगों को अनियमित निवेश योजनाओं से सावधान रहने की चेतावनी देता है।
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