मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की नई वेबसाइट और ऑनलाइन सुनवाई व्यवस्था में तकनीकी दिक्कतों को लेकर नाराजगी सामने आई है। ई-हियरिंग के दौरान आ रही समस्याओं पर कोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। तकनीकी खामियों की स्वतंत्र जांच कराने का निर्देश दिया गया है। जांच के जरिए IT व्यवस्था में सामने आ रही समस्याओं के कारणों का पता लगाया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को सात दिन के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे IT सिस्टम का विस्तृत ऑडिट 30 दिनों के भीतर पूरा करने को कहा गया है। कोर्ट ने ऑनलाइन सुनवाई व्यवस्था की विश्वसनीयता और कार्यप्रणाली पर ध्यान देने की जरूरत बताई है। नई वेबसाइट से जुड़ी तकनीकी परेशानियों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। ई-हियरिंग में आने वाली बाधाओं से न्यायिक कार्य प्रभावित होने की चिंता है। स्वतंत्र जांच का उद्देश्य तकनीकी कमियों की निष्पक्ष पहचान करना है। ऑडिट में सिस्टम की सुरक्षा, क्षमता और कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाएगी। कोर्ट के निर्देश के बाद IT व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। सात दिन की रिपोर्ट से शुरुआती खामियों की स्थिति स्पष्ट हो सकती है। 30 दिन के ऑडिट के बाद पूरे सिस्टम में जरूरी सुधारों को लेकर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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