छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी मनीष सारथी (31) पर 6 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के बगचबा गांव का रहने वाला है। यह मामला पुसौर थाना क्षेत्र से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 29 जून 2025 की सुबह अपनी 15 वर्षीय छोटी बेटी को घर से गायब पाया था। परिवार ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पिता ने आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि कोई उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान परिजनों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। 30 सितंबर 2025 को पीड़िता अपने पिता के साथ पुसौर थाने पहुंची। महिला पुलिस अधिकारी के सामने दिए गए बयान में पीड़िता ने मनीष सारथी पर शादी का झांसा देकर उसे घर से ले जाने और लगातार शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और पॉक्सो अधिनियम की धाराएं 4 तथा 6 जोड़ीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश देवेंद्र साहू की पॉक्सो अदालत में मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को 20 साल के कारावास और 6 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में विशेष लोक अभियोजक गोविंद नारायण दुबे ने अभियोजन पक्ष की पैरवी की।
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