खट्टर ने सार्वजनिक संवाद को तथ्य आधारित बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चर्चा का केंद्र लोगों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे होने चाहिए। उनके अनुसार सार्वजनिक विमर्श में तथ्यों और प्रमाणों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने संवाद को रचनात्मक और सार्थक बनाए रखने की आवश्यकता बताई। जनहित से जुड़े विषयों पर गंभीर चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर अनावश्यक विवादों से बचना चाहिए। चर्चा में वास्तविक समस्याओं और उनके समाधान पर ध्यान दिया जाना चाहिए। तथ्य आधारित संवाद से लोगों के बीच बेहतर समझ विकसित हो सकती है। उन्होंने जिम्मेदार सार्वजनिक विमर्श की जरूरत पर बल दिया। उनके मुताबिक जनहित के मुद्दों पर केंद्रित चर्चा समाज के लिए अधिक उपयोगी होती है। उन्होंने सार्वजनिक संवाद में संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। खट्टर ने कहा कि सार्थक बहस का उद्देश्य समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ना होना चाहिए।
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