हरियाणा के पानीपत में एक बैंककर्मी तीन युवकों की मदद करने के बाद साइबर फ्रॉड के मामले में फंस गया। आरोप है कि युवकों ने मां की बीमारी का हवाला देकर उससे मदद मांगी थी। बैंक बंद होने का बहाना बनाकर युवकों ने उसके क्रेडिट कार्ड से 1.25 लाख रुपए की पेमेंट कराई। इसके बाद इतनी ही रकम बैंककर्मी के खातों में ट्रांसफर कराई गई। ट्रांजेक्शन के दो दिन बाद उसके चार बैंक खाते बंद हो गए। बैंक से संपर्क करने पर उसे पता चला कि राजस्थान पुलिस ने खाते में आई रकम को साइबर फ्रॉड से जुड़ा संदिग्ध पैसा बताया है। इसके चलते बैंककर्मी का नाम भी साइबर अपराधियों की सूची में शामिल होने की जानकारी दी गई। पीड़ित ने युवकों से संपर्क कर मदद मांगी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने उसके साथ मारपीट की। बैंककर्मी का दावा है कि पुलिस से शिकायत के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। मुख्यमंत्री की सीएम विंडो पर शिकायत करने के बाद उसे और उसके परिवार को धमकियां मिलने का आरोप है। पीड़ित के अनुसार कुछ लोग दिन-रात बाइकों पर उसके घर के आसपास घूमते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं। डर के कारण परिवार घर से बाहर निकलने से बच रहा है और वह बैंक भी नहीं जा पा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और राजस्थान पुलिस से भी संपर्क किया गया है।
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