बेहतर वेतन का झांसा देकर दो नाबालिग बालिकाओं को कर्नाटक ले जाकर बंधक बनाने और उनसे जबरन मजदूरी कराने के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। आरोपी ने बालिकाओं को 12,000 रुपये मासिक वेतन का प्रलोभन दिया था, लेकिन वहां ले जाकर उन्हें एक व्यापारी के गन्ने के खेत में काम पर लगा दिया। बच्चियों को न केवल एक झोपड़ी में रहने को मजबूर किया गया, बल्कि उन्हें एक रुपये का मेहनताना भी नहीं दिया गया और लगातार प्रताड़ित किया गया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोषी मानव तस्कर को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय बाल तस्करी और शोषण के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।
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