लुधियाना में डिस्ट्रिक्ट टैक्सेशन बार एसोसिएशन ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर अयोध्या राम मंदिर विवाद और उससे जुड़ी कथित वित्तीय गड़बड़ी पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण कंवल ने कहा कि करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने सनातन धर्म में ‘गुप्त दान’ के महत्व को रेखांकित करते हुए दान की रकम वापस मांगने की राजनीति को दुर्भाग्यपूर्ण और गलत संदेश देने वाला बताया। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि धर्म और आस्था को बदनाम करने के किसी भी प्रयास का कानूनी रूप से जवाब दिया जाएगा। अध्यक्ष अरुण कंवल ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयानों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे अपने दान की रसीद सार्वजनिक करते हैं, तो वे उन्हें अपनी ओर से अधिक राशि का भुगतान करने को तैयार हैं। इस मौके पर उपाध्यक्ष चंदर सहगल, सचिव अशोक वढेरा, वित्त सचिव प्रिंस विवेक और संयुक्त सचिव सुतीक्षण टंडन भी मौजूद रहे। एसोसिएशन ने मामले में उच्च स्तरीय जांच की वकालत की है ताकि सच सामने आ सके और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो सके।
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