भारतीय रुपया आज कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा की गई खरीदारी के चलते मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम होने से भारत के आयात बिल पर सकारात्मक असर पड़ा है, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये को सहारा मिला है। इसके साथ ही, भारतीय शेयर बाजारों में FII का निवेश बढ़ने से भी रुपये में सुधार देखा गया है। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों का घटना भारत जैसे तेल आयातक देश की अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात है। रुपया-डॉलर के बीच का अंतर कम होने से विदेशी निवेशकों का विश्वास भारतीय परिसंपत्तियों में बढ़ा है। इससे घरेलू मुद्रा बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। आने वाले दिनों में बाजार की चाल काफी हद तक तेल की कीमतों की स्थिरता और विदेशी निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगी। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतकों पर टिकी है। रुपए में आई यह बढ़त देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के लिए एक अच्छा संकेत माना जा रहा है।
Source: Source