डेलॉयट की एक हालिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि भारत के ऋण बाजार को अपने महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए तत्काल संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में केवल बैंक जमाओं पर निर्भर रहना अब व्यावहारिक नहीं है क्योंकि घरेलू बचत का पैटर्न बदल रहा है। भारत को 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक अधिक गहरे, तरल और एकीकृत ऋण बाजार की जरूरत है। यह सुधार बढ़ती पूंजी की कमी को कुशलतापूर्वक पूरा करने और देश की आर्थिक आकांक्षाओं को समर्थन देने के लिए अनिवार्य हैं। वर्तमान प्रणाली में सुधार से बाजार की कार्यक्षमता बढ़ेगी और दीर्घकालिक निवेश के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकेंगे।
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