तमिलनाडु सरकार ने शहरी क्षेत्रों में चौबीसों घंटे पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अगले पांच वर्षों का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस संबंध में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में नगर प्रशासन और जलापूर्ति विभाग की योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। बैठक में विभिन्न केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। अमृत, अमृत 2.0, जल जीवन मिशन, जल जीवन मिशन 2.0 और स्वच्छ भारत मिशन 2.0 जैसी परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसियों की सहायता से चल रही परियोजनाओं का भी मूल्यांकन किया गया। अधिकारियों को शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही कूवम नदी और बकिंघम नहर के पुनर्जीवन और पुनर्स्थापन कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया। सरकार का उद्देश्य जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और पर्यावरणीय सुधार सुनिश्चित करना है। शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जलापूर्ति योजनाओं पर जोर दिया गया। अधिकारियों को परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास को भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। सरकार का मानना है कि इन प्रयासों से नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। आने वाले वर्षों में शहरी बुनियादी ढांचे और जल प्रबंधन में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई गई है।
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