केरल में अष्टमुडी झील संरक्षण से जुड़े मामले में अदालत के निर्देशों के पालन में हुई देरी को लेकर महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। पर्यावरण विभाग के सचिव ने केरल हाईकोर्ट के समक्ष विलंब के लिए माफी पेश की है। मामला झील के संरक्षण और पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन से संबंधित है। हाईकोर्ट ने पहले झील की सुरक्षा और संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। हालांकि निर्धारित समय में निर्देशों का पूर्ण पालन नहीं हो सका। इस देरी को लेकर अदालत में सुनवाई के दौरान अधिकारियों से जवाब मांगा गया। पर्यावरण सचिव ने अदालत के समक्ष खेद व्यक्त करते हुए देरी के लिए क्षमा याचना की। उन्होंने आश्वासन दिया कि लंबित निर्देशों के अनुपालन के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अष्टमुडी झील केरल की महत्वपूर्ण जलसंपदाओं में से एक मानी जाती है। पर्यावरणविद लंबे समय से इसके संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण की मांग करते रहे हैं। अदालत भी इस मामले की नियमित निगरानी कर रही है। अधिकारियों को संरक्षण संबंधी उपायों को समयबद्ध तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई में प्रगति रिपोर्ट पर विचार किए जाने की संभावना है।
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