अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी में बोत्सवाना के झंडे वाले एक तेल टैंकर को रोकने के लिए एजीएम-114 हेलफायर मिसाइल का सटीक प्रहार किया। यह टैंकर ईरान जा रहा था और उसने कथित तौर पर कई चेतावनियों को अनदेखा कर दिया था। यह घटना हेलफायर मिसाइल की स्थायी प्रासंगिकता को उजागर करती है, जिसे शीत युद्ध के दौरान विकसित किया गया था। यह मिसाइल आधुनिक युद्ध में अपनी सटीकता के लिए जानी जाती है, जो विनाशकारी शक्ति के साथ न्यूनतम सहयोगी क्षति सुनिश्चित करती है। इसका इस्तेमाल ड्रोन और हेलीकॉप्टरों से किया जा सकता है, जिससे यह बेहद लचीला हथियार बन जाता है। हेलफायर ने इराक, अफगानिस्तान और अब फारस की खाड़ी में अपनी क्षमता साबित कर दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिसाइल कम से कम अगले दशक तक अमेरिकी शस्त्रागार का अहम हिस्सा बनी रहेगी।
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