सॉफ्टबैंक ग्रुप ने 20 साल से अधिक समय बाद टोयोटा को पीछे छोड़कर जापान की सबसे मूल्यवान कंपनी का ताज हासिल कर लिया है। इस बड़ी सफलता के पीछे एआई के क्षेत्र में किए गए भारी निवेश का हाथ है, खासकर ओपनएआई में। सॉफ्टबैंक के संस्थापक मासायोशी सोन ने यूरोपीय एआई डाटा सेंटरों के लिए 75 अरब यूरो के निवेश की घोषणा की, जिससे कंपनी के शेयरों में जबरदस्त उछाल आया। इस सफलता का श्रेय ओपनएआई के सीईओ सैम अल्टमैन को जाता है, जिनके साथ सॉफ्टबैंक ने रणनीतिक साझेदारी की है। इस बदलाव से साफ है कि निवेशकों का भरोसा अब पारंपरिक विनिर्माण से हटकर तेजी से बढ़ते एआई क्षेत्र पर केंद्रित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह जापान के कॉर्पोरेट परिदृश्य में एक ऐतिहासिक बदलाव है। सॉफ्टबैंक ने एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाकर यह साबित कर दिया है कि भविष्य प्रौद्योगिकी का है।
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