हार्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने भारत को क्रूड आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। पारंपरिक रूप से तेल आपूर्ति करने वाले कई प्रमुख क्षेत्रों से आपूर्ति बाधित हो गई है। इसलिए भारतीय रिफाइनरियों को अब उन क्रूड किस्मों को प्रोसेस करना पड़ रहा है जो उनके सामान्य फीडस्टॉक मिक्स का हिस्सा नहीं थीं। कंपनियां नए तेल मिश्रणों के साथ प्रयोग कर रही हैं ताकि अधिकतम उत्पादन प्राप्त किया जा सके। रिफाइनरियों ने अपनी तकनीकी प्रक्रियाओं में बदलाव किए हैं। इस नए मिश्रण से ऑपरेटिंग कॉस्ट भी प्रभावित हो रही है। वैकल्पिक स्रोतों से मांगी गई आपूर्ति महंगी पड़ रही है। सरकार भी रिफाइनरियों का मार्गदर्शन कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति अगले कुछ महीनों तक बनी रह सकती है। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अब वैकल्पिक तेल स्रोतों पर भी विचार कर रहा है।
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