सुकमा में भाजपा ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। कार्यक्रम में भाजपा नेता श्रीनिवास मिश्रा ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय करार दिया। मिश्रा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश में यह आपातकाल थोपा था। उन्होंने कहा कि उस दौरान नागरिकों के मौलिक अधिकारों का बेरहमी से हनन किया गया था। विपक्ष के नेताओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेलों में ठूंस दिया गया था। भाजपा नेता ने मीडिया पर सेंसरशिप लगाकर लोकतंत्र की आवाज दबाने का भी गंभीर आरोप लगाया। श्रीनिवास मिश्रा ने उन सभी लोकतंत्र सेनानियों को नमन किया जिन्होंने दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा के प्रति जागरूक रहने का आग्रह किया। वार्ता के दौरान आपातकाल के प्रभावों और उससे मिले सबक पर विस्तृत चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में भाजपा के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। यह आयोजन आपातकाल की यादों को ताजा करने और लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने के लिए किया गया था।
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