सिम्स बिलासपुर के डॉक्टरों ने 28 वर्षीय सड़क दुर्घटना पीड़ित युवक का सफल उपचार कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। युवक के कुल्हे के गंभीर रूप से प्रभावित प्राकृतिक जोड़ को जटिल सर्जरी के माध्यम से सुरक्षित रखा गया। उपचार में आधुनिक ‘जॉइंट प्रिजर्वेशन तकनीक’ का उपयोग किया गया। इस तकनीक की मदद से कृत्रिम कुल्हा प्रत्यारोपण की आवश्यकता टाल दी गई। डॉक्टरों ने प्राकृतिक जोड़ को संरक्षित कर उसकी कार्यक्षमता बनाए रखने का प्रयास किया। सफल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। यह उपलब्धि संस्थान की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का उदाहरण मानी जा रही है। पूरा उपचार आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराया गया। इससे मरीज और उसके परिवार को आर्थिक राहत भी मिली। अस्पताल प्रबंधन ने इसे आधुनिक चिकित्सा तकनीक के प्रभावी उपयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। यह सफलता जटिल अस्थि रोग उपचार के क्षेत्र में सिम्स बिलासपुर के लिए उल्लेखनीय मानी जा रही है।
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