महाराष्ट्र में 16 अगस्त से व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए मराठी भाषा बोलना अनिवार्य होगा। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस नए नियम की घोषणा की है। इस संबंध में परिवहन विभाग ने 8 जुलाई को आधिकारिक अधिसूचना जारी की। नए प्रावधान को लागू करने के लिए मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे यात्रियों और चालकों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होगा। नियम सभी व्यावसायिक वाहन चालकों पर लागू होगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए परिवहन विभाग तैयारियों में जुटा है। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में मराठी भाषा सिखाने के लिए विशेष कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इन कक्षाओं का उद्देश्य चालकों को आवश्यक भाषा कौशल प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि इससे सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। संबंधित विभाग नियमों के पालन की निगरानी भी करेगा। यह कदम राज्य में स्थानीय भाषा के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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