शिक्षक दिवस के अवसर पर राजनांदगांव विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह अपने पुराने शिक्षकों को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने स्कूली दिनों की यादें सोशल मीडिया पर साझा कीं। लंबे समय बाद उनकी मुलाकात रसायन शास्त्र की शिक्षिका कुमुदनी वैष्णव से हुई। मुलाकात ने उन्हें स्कूल के पुराने दिनों और शिक्षकों के स्नेह की याद दिला दी। डॉ. रमन सिंह ने बताया कि स्कूल में अणु-परमाणु और आवर्त सारणी जैसे विषय उन्हें कठिन लगते थे। कुमुदनी मैडम कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाती थीं और उनका हौसला बढ़ाती थीं। उन्होंने हिंदी के झा सर और फिजिक्स के शिक्षक श्याम सुंदर चटर्जी को भी याद किया। झा सर भाषा और व्याकरण की शुद्धता पर विशेष ध्यान देते थे। श्याम सुंदर चटर्जी ने गुरुत्वाकर्षण जैसे सिद्धांतों को व्यावहारिक तरीके से समझाया था। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शिक्षकों ने उन्हें सिर्फ विषयों का ज्ञान नहीं दिया, बल्कि सोचने और समझने का तरीका भी सिखाया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की मेहनत, प्यार और मार्गदर्शन से एक साधारण छात्र ‘रमन’ आज ‘डॉ. रमन’ बन पाया। उन्होंने शिक्षक दिवस पर अपने सभी शिक्षकों और गुरुजनों को नमन किया।
Source: Source