वरुण सागर जलाशय की लगभग 100 वर्षों बाद डी-सिल्टिंग और सफाई का कार्य किया जा रहा है। यह कदम जल संरक्षण और जल भंडारण क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से जमा गाद को हटाने का काम शुरू किया गया है। इस पहल से जलाशय की क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर जल संकट को कम करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्य के दौरान आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। जल संसाधन प्रबंधन को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। परियोजना के पूरा होने पर क्षेत्र में जल उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। यह कदम पर्यावरण संरक्षण और जल सुरक्षा की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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