दुर्ग-भिलाई समेत कई शहरों में छात्रों, प्रोफेसरों और बेरोजगार युवाओं के नाम पर लोन कराकर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि अच्छा सिबिल स्कोर बनाने और कमीशन देने का झांसा देकर लोगों से दस्तावेज लिए गए। पुलिस ने फिलहाल 31 छात्रों से 34.13 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पीड़ितों का दावा है कि इस गिरोह ने 600 से अधिक लोगों को निशाना बनाया है। ठगी की कुल रकम 10 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है। पद्मनाभपुर पुलिस ने मामले में अनिरुद्ध सिंह, ऋषभ शर्मा और दीपेश जोशी समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने ऋषभ शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में आरोपी के बैंक खातों में करीब 1.84 करोड़ रुपये के लेन-देन का पता चला है। आरोपियों ने आधार, पैन और बैंक दस्तावेजों के जरिए महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान और पर्सनल लोन फाइनेंस कराए। शुरुआती कुछ महीनों तक ईएमआई भरने के बाद किश्तें बंद कर दी गईं, जिससे पीड़ितों को ठगी का पता चला। पुलिस अब अन्य आरोपियों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। मामले में फाइनेंस कंपनियों और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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