रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया गया, जिसमें केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लागू आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों पर गंभीर प्रहार था। शेखावत ने इसे लोकतंत्र के इतिहास का पीड़ादायक अध्याय बताया और कहा कि इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं और अभिव्यक्ति की आजादी पर गंभीर असर पड़ा। उन्होंने नई पीढ़ी को उस दौर की घटनाओं से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। मंत्री ने लोकतंत्र को नागरिक भागीदारी और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान पर आधारित व्यवस्था बताया। उन्होंने न्यायमूर्ति एच.आर. खन्ना के योगदान को प्रेरणादायक बताया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हुए उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आपातकाल की घटनाएं लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण सीख देती हैं। राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है। कार्यक्रम में कई नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। वक्ताओं ने युवाओं से तथ्य आधारित सोच अपनाने और भ्रामक सूचनाओं से बचने की अपील की।
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