हाईकोर्ट ने रेत खदान (सैंड क्वारी) से जुड़े एक मामले में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अनिच्छुक पट्टेदार को उसकी जमा राशि 6 प्रतिशत ब्याज सहित वापस की जाए। अदालत ने कहा कि जब पट्टेदार कार्य करने के इच्छुक नहीं है, तो उसकी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। मामले में जमा राशि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। याचिकाकर्ता ने अनुबंध से हटने और अपनी राशि वापस पाने की मांग की थी। अदालत ने सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यह निर्णय दिया। आदेश में अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से राशि लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ब्याज जोड़कर भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह फैसला प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर देता है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुबंध संबंधी विवादों में निष्पक्षता आवश्यक है। इस निर्णय से ऐसे अन्य मामलों में भी दिशा मिलने की उम्मीद है। संबंधित विभाग को आदेश का पालन जल्द करने को कहा गया है।
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